Logo
s

जो जल बाढ़ै नाव में– कबीरदास

By: RF Competition   Copy       Share
 (163)          5227

"अमृतवाणी"

जो जल बाढ़ै नाव में, घर में बाढ़ै दाम।
दोऊ हाथ उलीचिये, यही सयानो काम।

हिन्दी के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़िए।
जो पूर्व में हमको अशिक्षित या असभ्य बता रहे– मैथिलीशरण गुप्त

संदर्भ

प्रस्तुत उत्पाद 'अमृतवाणी' नामक शीर्षक से लिया गया है। इसकी रचना कबीरदास जी ने की है।

हिन्दी के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़िए।
आए हौ सिखावन कौं जोग मथुरा तैं तोपै– जगन्नाथ दास 'रत्नाकर'

प्रसंग

प्रस्तुत पद में अधिक धन-संपत्ति होने पर दान करने की सलाह दी गयी है।

हिन्दी के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़िए।
कबीर कुसंग न कीजिये– कबीरदास

महत्वपूर्ण शब्द

जल- पानी, बाढ़ै- बढ़ जाय, दाम- रूपया या धन, सयानो- बुद्धिमानी का।

हिन्दी के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़िए।
हिंदी पद्य साहित्य का इतिहास– आधुनिक काल

व्याख्या

अधिक वर्षा होने के कारण नाव में बहुत अधिक जल भर जाता है। इस परिस्थिति में बुद्धिमानी इसी में है, कि इस जल को नाव से खाली कर दिया जाए। कबीरदास जी कहते हैं कि ठीक इसी प्रकार घर में धन-संपत्ति के अधिक होने पर उसे उदारतापूर्वक दोनों हाथों से दान करने में ही बुद्धिमानी है। बुद्धिमान व्यक्ति धन का दान कर अपनी मुक्ति का मार्ग प्रशस्त कर लेते हैं।

हिन्दी के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़िए।
सुनि सुनि ऊधव की अकह कहानी कान– जगन्नाथ दास 'रत्नाकर'

काव्य-सौन्दर्य

प्रस्तुत पद से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य निम्नलिखित हैं–
1. इस पद में जीवन की सार्थकता के लिए उपदेश प्रदान किया गया है।
2. अनुभवजन्य सत्य का उद्घाटन किया गया है।
3. सरल और सुबोध भाषा का प्रयोग किया गया है।
4. तर्कपूर्ण ढंग से बात कही गई है।
5. गंभीर विषय को सहजता के साथ प्रतिपादित किया गया है।
6. यह पद अनुप्रास अलंकार का अनूठा उदाहरण है।

हिन्दी के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़िए।
कबीर संगति साधु की– कबीर दास

आशा है, उपरोक्त जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी।
धन्यवाद।
R F Temre
rfcompetition.com

आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
(I hope, the above information will be useful and important.)
Thank you.
R.F. Tembhre
(Teacher)
EduFavour.Com

Comments 0
No comments yet. Be the first to comment!

Post Your Comment

3 + 8 = ? Simple math to prevent spam

Categories

Subscribe