जैन धर्म का आरम्भ लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान हुआ था। आरम्भ में जैन धर्म के अनुयायियों द्वारा स्तूपों का निर्माण किया गया। आगे चलकर जैन धर्म में मूर्तिकला और मन्दिरों का विकास हुआ।
कुषाण शासकों के शासनकाल के दौरान मथुरा नगर 'जैन कला' का एक महत्वपूर्ण केन्द्र हुआ करता था। गुप्त शासकों के शासनकाल के दौरान जैन कला की मथुरा शैली का सर्वाधिक विकास हुआ।
जैन धर्म से सम्बन्धित भारत के प्रमुख मन्दिर निम्नलिखित हैं–
1. ऋषभनाथ मन्दिर
2. दिलवाड़ा का जैन मन्दिर
3. जल मन्दिर
4. मेगुती जैन मन्दिर
5. पारसनाथ का जैन मन्दिर
6. कुमारग्राम प्राचीन मन्दिर
7. दिगम्बर जैन मन्दिर – पार्श्वनाथ का मन्दिर
8. शोभनाथ मन्दिर
9. रणकपुर जैन मन्दिर
10. श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ
11. जैन श्वेताम्बर त्रिलोकपुर तीर्थ आदि।
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3. आगम ग्रन्थ क्या होते हैं? | जैन धर्म के प्रमुख ग्रन्थ
4. जैन धर्म की 'संथारा प्रथा' क्या है?
5. जैन धर्म के 24 तीर्थंकर कौन-कौन से थे?
आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
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Thank you.
R.F. Tembhre
(Teacher)
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